आयुष शेट्टी ने कनाडा के ब्रायन यांग को हराकर यूएस ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट में मेन्स सिंगल्स खिताब जीता

काउंसिल ब्लफ्स 
बैडमिंटन में भारतीय फैन्स के लिए अच्छी खबर सामने आई है. आयुष शेट्टी ने कनाडा के ब्रायन यांग को हराकर यूएस ओपन सुपर 300 टूर्नामेंट में मेन्स सिंगल्स खिताब जीत लिया है. आयुष शेट्टी ने अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीता है. साथ ही इस साल किसी भारतीय खिलाड़ी का सीनियर लेवल पर ये पहला बीडब्ल्यूएफ खिताब रहा. यानी आयुष ने इस साल भारतीय बैडमिंटन में चले आ रहे खिताबी सूखे को समाप्त किया है.

विश्व रैंकिंग में 34वें नंबर पर काबिज आयुष शेट्टी ने फाइनल में जबरदस्त प्रदर्शन किया और अपने से उच्च रैंकिंग वाले कनाडाई खिलाड़ी को सिर्फ 47 मिनटों में 21-18, 21-13 से हराया. बता दें कि आयुष शेट्टी ने सेमीफाइनल में शीर्ष वरीयात प्राप्त और वर्ल्ड नंबर-6 चोउ टिएन चेन को हराकर सनसनी मचा दी थी. आयुष ने सेमीफाइनल में चीनी ताइपे के खिलाड़ी को 21-23, 21-15, 21-14 से पराजित किया था.

ये भी पढ़ें :  T20 ब्लाइंड महिला विश्वकप में भारत की ऐतिहासिक जीत: PM मोदी, CM योगी और CM विष्णुदेव साय ने दी बधाई

वहीं महिला सिंगल्स में भारत की तन्वी शर्मा रनर-अप रहीं. 16 साल की तन्वी को फाइनल मुकाबले में संयुक्त राज्य अमेरिका की बेइवेन झांग के हाथों 11-21, 21-16, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा. शीर्ष वरीयता प्राप्त झांग ने यह मुकाबला 46 मिनटों में जीता. गैर वरीयता प्राप्त तन्वी अपना पहला वर्ल्ड टूर फाइनल खेल रही थीं. 

ये भी पढ़ें :  WPL 2026: इन 4 खिलाड़ियों ने बदली RCB की किस्मत, फाइनल जीतकर इतिहास रचने से एक कदम दूर

वर्ल्ड नंबर-66 तन्वी शर्मा ने सेमीफाइनल में सातवीं वरीयता प्राप्त यूक्रेन की पोलिना बुहरोवा को 21-14, 21-16 से पराजित किया था. इसी के साथ तन्वी किसी BWF वर्ल्ड टूर इवेंट के फाइनल में पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय खिलाड़ी बन गई थीं. तन्वी यदि खिताब जीततीं तो वो BWF वर्ल्ड टूर इवेंट जीतने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बन जातीं.

ये भी पढ़ें :  हेटमायर का तूफान: एक ओवर में जड़े 5 छक्के, ग्लोबल सुपर लीग में मचा धमाल

16 साल की तन्वी शर्मा की तुलना दो बार की ओलंपिक मेडलिस्ट पीवी सिंधु से की जाने लगी है. सिंधु की तरह ही तन्वी नेट्स पर पावरफुल स्मैश लगाने में माहिर हैं और विपक्षी खिलाड़ी पर हावी होने के लिए आक्रामक गेम प्लान आजमाती हैं. चूंकि पीवी सिंधु के प्रदर्शन में अब समय बीतने के साथ ही गिरावट आने लगी है, ऐसे में तन्वी एक नई उम्मीद बनकर उभरी हैं. उसी तरह आयुष शेट्टी से मेन्स सिंगल्स में भारत को काफी अपेक्षाएं हैं.

 

Share

Leave a Comment